श्वासपैथी

 श्वासपैथी



सांस को धीमी गति से लेना, धीमी गति से छोड़ना।
ख्याल रहे कि सांस रोकना नहीं है, ना inhale करके, ना ही exhale करके।

इससे क्या होगा?

Lungs, जो control करते हैं हमारी immunity को, उनकी efficiency बढ़ने लगती है।

Immunity बढ़ने के साथ ही, self confidence बढ़ता है, और energy बनी रहती है, यानी थकान गायब।

मन शांत रहने लगता है, जिससे बीमारियां कम होनी शुरू होती हैं।

इसे कौन और कब कर सकता है?

श्वासपैथी की practice हर समय की जा सकती है, क्योंकि सांस हम हर समय लेते हैं।
कोई भी इसे सीखके कर सकता है।

Precaution एक ही है, सांस खींचना नही है, धीरे धीरे लेना है।

यह कैसे जानें कि लाभ कितना हुआ

Google Play से mobile app "Hava Kitni Hai" download करके जान सकते हैं कि कितना improvement हुआ

पंकज अग्रवाल
पर्यावरण प्रमुख
हरियाणा प्रांत

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